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Samastipur News: कल्याणपुर में ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम, आईसीडीएस सेवाओं को अंतिम लाभुक तक पहुंचाने पर जोर

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | कल्याणपुर में सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। मंत्री ने पोषण, टीकाकरण और बाल विकास सेवाओं को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

समस्तीपुर, 30 सितंबर आलम की खबर: सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत बुधवार को कल्याणपुर प्रखंड में ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने हिस्सा लिया और आईसीडीएस के तहत संचालित विभिन्न सेवाओं की जानकारी लेते हुए योजनाओं को पात्र लाभुकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत मंत्री ने दीप प्रज्वलित कर की। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इन स्टॉलों के माध्यम से पोषण, टीकाकरण, गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए पोषाहार, बच्चों के स्वास्थ्य एवं देखभाल समेत आईसीडीएस की अलग-अलग गतिविधियों की जानकारी दी गई।

स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की ली जानकारी

मंत्री ने एक-एक कर विभिन्न स्टॉलों का जायजा लिया और संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से योजनाओं के संचालन की स्थिति पूछी। उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद परिवारों तक किस स्तर तक पहुंच रहा है।

इस दौरान बच्चों और माताओं के पोषण से जुड़े विषयों पर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आईसीडीएस की सेवाओं के संचालन में गुणवत्ता और नियमितता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि पात्र लाभुक सरकारी योजनाओं से वंचित न रहें।

शुरुआती उम्र में पोषण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और विकास की बुनियाद उनके शुरुआती जीवन में तैयार होती है। ऐसे में इस अवधि में पर्याप्त पोषण, समय पर टीकाकरण और उचित देखभाल बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका केवल पोषाहार वितरण तक सीमित नहीं है। ये केंद्र बच्चों के प्रारंभिक विकास, मातृ स्वास्थ्य और परिवारों को स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मंत्री ने चिकित्सक के रूप में अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए संतुलित आहार और पोषण के अलग-अलग घटकों की उपयोगिता पर भी जानकारी दी। उन्होंने बच्चों और माताओं के लिए उचित पोषण को प्राथमिकता देने की बात कही।

सेविका-सहायिकाओं को जागरूकता बढ़ाने का निर्देश

कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा गया। खासकर महिलाओं और अभिभावकों को पोषण, साफ-सफाई, टीकाकरण और बच्चों की देखभाल के बारे में जानकारी देने पर जोर दिया गया।

मंत्री ने कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब सरकारी सुविधाओं की जानकारी लाभुक परिवारों तक पहुंचे और उन्हें समय पर सेवाओं का लाभ मिले। इसके लिए स्थानीय स्तर पर सेविका-सहायिकाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।

अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का निर्देश

मंत्री ने आईसीडीएस की सभी सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ मिलने में अनावश्यक परेशानी न हो। साथ ही जमीनी स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।

बेहतर काम करने वाली सेविकाएं और सहायिकाएं सम्मानित

कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं को सम्मानित किया गया। मंत्री ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

सम्मान मिलने से कार्यक्रम में मौजूद सेविकाओं और सहायिकाओं में उत्साह दिखाई दिया। इस दौरान उनके कार्यों और जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों को लेकर भी चर्चा हुई।

लाभुकों से सीधे संवाद, समस्याओं की ली जानकारी

‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने लाभुकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने महिलाओं और अभिभावकों से आईसीडीएस की सेवाओं के बारे में जानकारी ली और पूछा कि उन्हें योजनाओं का लाभ किस तरह मिल रहा है।

लाभुकों ने अपनी समस्याओं और सुझावों से भी मंत्री को अवगत कराया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों और समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बच्चों से मिलीं मंत्री, उपहार देकर बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम स्थल पर मौजूद छोटे बच्चों के साथ मंत्री का आत्मीय व्यवहार भी देखने को मिला। उन्होंने बच्चों को दुलार किया और उन्हें उपहार देकर उत्साहित किया। बच्चों और उनके अभिभावकों के बीच इस दौरान खुशी का माहौल रहा।

कार्यक्रम में बच्चों की भागीदारी ने आयोजन को सामुदायिक स्वरूप दिया। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के पोषण और प्रारंभिक विकास के साथ अभिभावकों की भूमिका पर भी जोर दिया गया।

योजनाओं और समुदाय के बीच बेहतर जुड़ाव का संदेश

‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम का उद्देश्य आईसीडीएस की सेवाओं को समुदाय से जोड़ने और जमीनी स्तर पर उनकी प्रभावशीलता को मजबूत करने का संदेश देना रहा। कार्यक्रम में पोषण, स्वास्थ्य, टीकाकरण और बाल विकास से जुड़ी सेवाओं को लेकर लाभुकों को जानकारी दी गई।

आयोजन के माध्यम से यह भी रेखांकित किया गया कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल उनके संचालन से नहीं, बल्कि पात्र परिवारों तक उनके वास्तविक लाभ पहुंचने से तय होती है। इसी दिशा में अधिकारियों, सेविका-सहायिकाओं और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में प्रखंड कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, प्रखंड प्रमुख सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अपर समाहर्ता समस्तीपुर ब्रजेश कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस सुनीता, सहायक निदेशक दिव्यांगजन सोनाली, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रजनीश कुमार राय, संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, आईसीडीएस के पदाधिकारी एवं कर्मी, सेविका-सहायिका और बड़ी संख्या में लाभुक मौजूद रहे।

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